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वेब 3.0 क्या है? | What is Web 3.0 in Hindi

Introduction

Web 3.0 आपने पिछले 1-2 साल में ही सुना होंगा पर ये 2006 से चला आ रहा है। आज हम इस आर्टिकल में जानेंगे की Web 3.0 क्या है..?, कैसे काम करता है..?, और साथ साथ यह भी जानेंगे की, Web 1.0 और Web 2.0 क्या है..?, और Web 1.0 और Web 2.0 से Web 3.0 कैसे अलग है..!

चलो पहले हम जानते है की Web 1.0 क्या है ?

वेब 1.0 क्या है ? | What is Web 1.0 in Hindi

यह एक वेब का पहला version है। web 1.0 का उपयोग 1991 se 2004 तक किया जाता था। जब WWW(World Wide Web) की शरुआत हुई थी तब जो लोग वेबसाइट बनाते थे वो सिर्फ Static वेबसाइट ही होती थी।

Static website क्या होती है…?  Static website ऐसी वेबसाइट होती है जिसको एक बार बनाने के बाद कोई बदलाव नहीं कर सकते, अगर वेबसाइट developer कोई बदलाव न करें तो.. इसको आप एक business card की तरह देख सकते है, मतलब एक़बार business card छप जाने के बाद आप उसमे कोई बदलाव कर नहीं सकते। Web 1.0 में हम कोई प्रकार की डिज़ाइन, images, वीडियो add नहीं कर सकते थे। इसमें हम आर्टिकल सिर्फ पढ़ सकते थे। हम web 1.0 में आर्टिकल में comment करना, वेबसाइट का आकर्षित डिज़ाइन बनाना, आर्टिकल को किसी के साथ share करना – ये सब नहीं कर सकते थे। 

अगर में आपको कम शब्दों में कहु तो web 1.0 में हमारे और वेबसाइट के बिच में interaction नहीं होते थे। 

web 1.0 in hindi

आप ऊपर दिखाए गए फोटो में देख सकते है की web 1.0 कैसा था। जैसे जैसे समय बीतता गया… वेबसाइट improve होने लगी। वेबसाइट static से dynamic होने लगी। वेबसाइट में images, animation और designs का प्रयोग होने लगा। इसको web 2.0 नाम दिया गया। चलिए web 2.0 के बारेंमे जानते है…!

वेब 2.0 क्या है ? | What is Web 2.0 in Hindi

ये internet या web का दूसरा और improved version है। Web 2.0, 2004 से लेकर अभी तक चलता आ रहा है। जैसे आपने आगे web 1.0 के बारेमें पढ़ा की उसमे जो वेबसाइट थी वो static थी। Web 2.0 जो आज हम use करते है उसमे हमारे और वेबसाइट के साथ intraction होता है। हम आज YouTube के किसी वीडियो में या फिर इस ब्लॉग आर्टिकल में comment कर सकते है, हम खुदका ब्लॉग बना सकते है, facebook, instagram, twitter जैसे प्लेटफार्म में आप दूसरे की वीडियो देख सकते है और खुद की वीडियो streaming कर सकते है।  

Web 2.0, वेब का इतना advance version है की इसमें हम whatsapp जैसी apps में हमारे रिस्तेदार या दोस्त के साथ वीडियो कॉल से बात कर सकते है चाहे वो आप से कितना भी दूर हो।

इसमें आप खुद का content बना सकते है या दुसरो के साथ share भी कर सकते है – ऐसी वेबसाइट को हम dynamic वेबसाइट कहते है। 

इसका ज्यादा growth social Midea के आने के बाद ही हुआ है। Web 2.0 में ज़्यादातर फायदा google, facebook(मेटा) जैसी कंपनी को होता है – जिसका लोग सबसे ज्यादा इस्तेमाल करते है। 

यह कम्पनिया हमारा डाटा अपने सर्वर में store करती है। उसका उपयोग करके दूसरी बड़ी बड़ी कम्पनिया हमे ads दिखाती है और उसके बदले में ये कम्पनिया दूसरी कंपनी से पैसे लेती है। ये कंपनी के पास आपका इतना डाटा है जो आप को भी नहीं पता। हम कह सकते है की ये वेब का एक centralized version है। Centralization के कारन हो रहे नुकसान को अगर देखे तो, कुछ समय पहले whatsapp में जो privacy & policy का प्रॉब्लम हुआ था वो आप सबको पता ही होगा। 

मेटावर्स के बारेमें जानने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें :- https://sbmeta.tech/metaverse-explained-in-hindi/

वेब 3.0 क्या है ? | What is Web 3.0 in Hindi

हमने web 1.0 और web 2.0 में देखा की उसको हम websites के feature से अलग करते है पर web 3.0 में ऐसा नहीं होगा। यह एक वेब या internet का decentralized version है।  

Decentralized वेब को blockchain technology का उपयोग करके बनाया जा रहा है। Blockchain technology का उपयोग कई secure cryptocurrencies में किया जाता है। 

आपको पता ही होगा की आज बड़ी बड़ी कंपनी हमारा डाटा कैसे use करती है और हमारे पास भी उनको data का access देने के आलावा कोई चारा नहीं होता क्योकि वह companies centralized है , कोई एक कंपनी या organization उसको own करती है। पर web 3.0 में ये  नहीं होंगा। Web 3.0 decentralized वेब  है और decentraliz में किसी कंपनी का हक़ नहीं होता। हमारी मर्ज़ी के बिना कोई हमारे data को access नही कर सकता।

क्या आपने Brave browser के बारेंमे सुना है ? अगर नहीं सुना तो में आपको बता दूँ की brave एक browser है जो decentralized है। ये browser chrome जैसा ही है पर इसमें आपको ads देखने को नहीं मिलती। अगर आपको ads देखनी है तो ये browser आपको BAT cryptocurrency के रूप में पैसे देता है। ये  web 3.0 का सबसे अच्छा उदहारण है। 

Web 3.0 का सबसे बड़ा फायदा ये है की आपकी असल पहचान और डिजिटल पहचान एक दूसरे से जुडी नहीं होंगी। 

सर्वर की दिक्कत web 3.0 में कम या फिर ख़तम ही हो जाएंगी। जैसे कुछ दिन पहले फेसबुक के सर्वर डाउन हो गए थे जिसके कारन Instagram, Whatsapp और facebook तीनो apps डाउन हो गई थी और सबको बहुत दिक्कत हुई थी, buisinesses को भी नुकसान हुआ था पर web 3.0 में ऐसा नहीं होगा।  Web 3.0 में आपका नेटवर्क के सभी कंप्यूटर में आपका data securly store होगा मतलब सभी कंप्यूटर सर्वर के तरह  काम करेंगे – जिससे हमे कोई एक सर्वर पर निर्भर नहीं रहना होगा। हमें 1-2 कंप्यूटर बंद होने से कोई फरक नहीं पड़ेगा।

इसमें apps को dapps कहा  जाता है। Dapps का मतलब होता है decentralized-apps. आज  internet में बहुत सारे dapps available है। जैसे chrome के जैसा dapps है brave, whatsapps के जैसा dapps है status, facebook और twitter के जैसा dapps steemit और akasha है। 

कुछ लोग ये भी मानते है की वेब 3.0 एक ऐसी वेब है जो आपको virtualy कही भी ले जा सकता है। इसे मेटावर्स नाम दिया गया है। 

वेब 1.0 , वेब 2.0 और वेब 3.0 में क्या फरक है ? | Different between web 1.0, 2.0, 3.0 in Hindi

Web 1.0Web 2.0Web 3.0
वेब का पहला स्टेज वेब का दूसरा स्टेज वेब का तीसरा स्टेज 
सिर्फ पढ़ सकते थे। पढ़ने के साथ साथ लिख सकते है। पढ़ -लिख  सकते है सुरक्षा के साथ। 
इसका ज्यादातर कंपनी ही इस्तेमाल करती थी। इसका ज्यादातर इस्तेमाल communities करती है। इसका focus है की इसका  इस्तेमाल सभी लोग करें। 
1991 से 2004 2004 से अभी तक 2008 से शुरू हुआ था। 
5. simple वेब Social वेब Semantic वेब 
6. सर्वर और यूजर के बिच में interaction नहीं कर सकते थे। सर्वर और यूजर के साथ interaction कर सकते है। सर्वर और यूजर के साथ interaction कर सकते है ज्यादा secure होकर।
7.Content creator – developer(जो कोड  सके)Content creator – कोई  भी content create कर  सकता है। Content creator – कोई  भी content create कर  सकता है पर data को  सुरक्षित रख कर। 

Conclusion 

मुझे आशा है की इस आर्टिकल से आपको web 3.0 के बारे में सम्पूर्ण ज्ञान मिल गया होगा। इस आर्टिकल में हमने समजा की web 3.0 kya hota hai ?, web 2.0 kya hota hai ?, web 1.0 kya hota hai ?, तीनो के बिच में क्या अंतर है ?

मेरी आपसे गुजारिस है की अगर आपको यह आर्टिकल पसंद आया हो तो अपने दोस्त, रिश्तेदार या आस-पड़ोस में शेयर(share) करें जिससे सबको इसके बारे में पता चलें। अगर आपको web 3.0 से रिलेटेड कोई भी प्रश्न है तो आप Comment में पूछ सकते है, में पूरी कोसिस करूँगा की आपको जल्द से जल्द जवाब दे पाउ। मिलते है नए आर्टिकल के साथ।  

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