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बिटकॉइन क्या है?बिटकॉइन कैसे काम करता है ? | What is bitcoin in Hindi

What is bitcoin in hindi

Introduction

आप अगर ट्विटर या आज कल तो इंस्टाग्राम का भी उपयोग करते हो  तो आपने क्रिप्टोकरेन्सी के बारेंमे पिछले 3-4 साल में बहुत ही ज्यादा सुना या पढ़ा होगा। और पिछले एक दो साल में तो ये बहुत ही ज्यादा ट्रेंड में था। लोग जरुरत से ज्यादा ही क्रिप्टोकरेन्सी सब्द पर भरोसा कर रहे थे और बिना सोचे समजे पैसे भी लगा रहे थे। जैसे एक meme कॉइन Shiba inu, squids game कॉइन और भी बहुत सारे क्रिप्टोकरेन्सी कॉइन। बहुत लोगो ने बहुत ज्यादा पैसे बनाये और कुछ लोगो ने खोए। आज आप देखो तो हज़ारो क्रिप्टोकरेन्सी इंटरनेट के ऊपर है। पर क्या आपको पता है की क्रिप्टोकरेन्सी तेरह साल से इंटरनेट पर अवेलेबल है। आज हम बहुत ही ज्यादा प्रख्यात क्रिप्टोकरेन्सी बिटकॉइन के बारेंमे जानेंगे जो सबसे पहली क्रिप्टोकरेन्सी है। हम जानेंगे की कैसे बिटकॉइन काम करता है , उसका भविस्य क्या है और भी बहुत कुछ तो चलो देखते है बिटकॉइन क्या है?

बिटकॉइन क्या है? |  What is Bitcoin in Hindi 

satoshi nakamoto founded bitcoin, बिटकॉइन क्या है? | What is bitcoin in Hindi

सातोशी नाकामोतो नामके एक इन्शान ने 31 अक्टूबर 2008 में एक रिसर्च पेपर इंटरनेट पर पब्लिश किया। आज तक सातोशी नाकामोतो कोन है ये किसीको भी पता नहीं चला। अगर आपने हमारा क्रिप्टोकरेन्सी वाला आर्टिकल पढ़ा है तो आपको पता होगा की क्रिप्टोकरेन्सी क्या है। क्रिप्टोकरेन्सी पर किसीका भी हक़ नहीं है नहीं कोई इन्शान का या नहीं कोई ओर्गेनाइजेशन का। बिटकॉइन भी इसी सिद्धांत पर काम करता है। अगर आपको नहीं पता तो में आपको बता दूँ 2008 में एक बहुत ही बड़ा ग्लोबल क्राइसिस हुआ था जिसके कारन महंगाई भी बहुत बढ़ गई थी और उसके बाद क्रिप्टोकरेन्सी का जन्म हुआ जो था बिटकॉइन। 

bitcoin is an alternative of traditional bank system

सातोशी नाकामोतो के अनुशार बिटकॉइन दुनिया की फाइनेंसियल सिस्टम का एक दूसरा विकल्प है जो सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पर आधारित होगा जिसके ऊपर किसीका भी हक़ नहीं होगा। बिटकॉइन ब्लॉकचैन टेक्नोलॉजी पर आधारित है। बिटकॉइन की कीमत की अगर हम बात करें तो लोग बिटकॉइन को किस तरह स्वीकार ते है उसके ऊपर है। बिटकॉइन एक डिजिटल करेन्सी है जिसका फिजिकल कोई अस्तित्व नहीं है। अब मुझे आशा है की आपको समज आ गया होगा की बिटकॉइन क्या है। अगर आपको कोई भी प्रश्न हो तो आप कमेंट में पूछ सकते है। चलो अब हम देखते है बिटकॉइन कैसे काम करता है। 

बिटकॉइन कैसे काम करता है? | How bitcoin works in Hindi 

बिटकॉइन एक आटोमेटिक सिस्टम है सातोशी नाकामोतो ने पहले से ही इसको प्रोग्राम कर दिया है अब किसी को भी इसके लिए प्रोग्रामिंग के ज्ञान की जरुरत नहीं है। इसको चलाने के लिए बड़े बड़े अल्गोरिथम को रन करना पड़ता है जिसके लिए बहुत सारे हाय टेक कंप्यूटर की जरुरत पड़ती है। अब हम देखे तो  बिटकॉइन को चलाने के लिए तो एक आर्गेनाइजेशन जरुरत पड़ेगी इसका मतलब है की इसके ऊपर कोई एक आर्गेनाइजेशन का अधिकार आ जाएगा जो बैंक सिस्टम जैसा ही हो गया। यहाँ पर एंट्री होती है बिटकॉइन माइनिंग की। 

चलो समजते है की बिटकॉइन माइनिंग क्या होती है? अगर अपने हमारा ब्लॉकचैन वाला आर्टिकल पढ़ा है तो आपको पता होगा की एक लेजर(खाता) होता है जिसके अंदर सभी बिटकॉइन ट्रांसक्शन स्टोर होते है। अब इस लेजर की कॉपी सभी कंप्यूटर में होती है जो बिटकॉइन के नेटवर्क का हिस्सा है। इस नेटवर्क को जो लोग चलाते है उन्हें बिटकॉइन माइनर कहते है। बिटकॉइन माइनर का काम होता है ट्रांसक्शन को वेरीफाई करना। बिटकॉइन माइनर को ट्रांसक्शन को वेरीफाई करने के लिए गणित के जटिल समीकरण को हल करना पड़ता है जो कंप्यूटर में आटोमेटिक होते है। उनको बड़े बड़े अल्गोरिथम उनके कंप्यूटर में चलाने पड़ते है जिसके कारन उनका कंप्यूटर well equipped होना चाहिए।

how bitcoin mining works

एक बार वो अल्गोरिथम हल होने के बाद नेटवर्क के दूसरे माइनर उसको वेरीफाई करते है।  वेरीफाई होने के बाद वो ट्रांसक्शन ब्लॉक में ऐड होता है और वो ब्लॉक कोई चैन में ऐड होता है। अलग अलग ब्लॉक को मिलाकर एक चैन बनती है और उसे हम ब्लॉकचैन कहते है।  जो माइनर पहले गणित की प्रॉब्लम हल करता है मतलब जिसके कंप्यूटर में प्रोसेसर अच्छा होता है उसे बिटकॉइन के रूप मे इनाम मिलता है। इस सिस्टम को कहते है प्रूफ ऑफ़ वर्क। प्रूफ ऑफ़ वर्क का मतलब होता है की माइनर को साबित करना होता है की उसने इतना काम किया है की उसके बिटकॉइन मिल सके। 

बिटकॉइन का भविष्य क्या है? | Future of bitcoin in Hindi 

future of bitcoin in hindi, future of bitcoin in hindi by sbmeta

बिटकॉइन का भविस्य जानने के लिए हमें उसकी मॉनेटरी पॉलिसी जाननी पड़ेगी। 

बिटकॉइन की मॉनेटरी पॉलिसी | Bitcoin’s monetary policy

  • इसका उपयोग बिटकॉइन का सप्लाई बनाए रखने के लिए होता है। 
  • इसके दो नियम है:- 
  1. ध हाल्विंग | The halving
  2. ब्लॉक फ्रीक्वेंसी | Block frequency

ध हाल्विंग | The halving

  • कुछ लोग कहेंगे की अगर माइनर बिटकॉइन माइन करते रहेंगे तो बहुत सारे बिटकॉइन आ जायेंगे जिसका मतलब है की बिटकॉइन का सप्लाई ज्यादा हो जाएगा और उसकी वजह से भविष्य में बिटकॉइन की कीमत कम हो जाएगी जो हम फिजिकल करेन्सी में देख रहे है। 
  • सातोशी नाकामोतो ने ये पहले से ही सोचा था। उन्होंने  बिटकॉइन की लॉन्च करते समय ही उसकी सप्लाई कैप को फिक्स रखा था जो है 21 मिलियन। आप निचे दिए गए फोटो में देख  सकते है कैसे कुछ साल के बाद बिटकॉइन की माइनिंग ख़तम हो जाएगी जिसके चलते अगर ज्यादा लोग बिटकॉइन की भविष्य में स्वीकारते है तो बिटकॉइन की मांग बढ़ेगी पर उसकी सप्लाई फिक्स होने के कारन उसकी कीमत बढ़ेगी। 
bitcoin halving in hindi, bitcoin halving in hindi by sbmeta

 ब्लॉक फ्रीक्वेंसी | Block frequency

  • ब्लॉक फ्रीक्वेंसी का  मतलब है क्रिप्टोकरेन्सी के ट्रांसक्शन का एक ब्लॉक बनने में कितना वक्त लगता है। 
  • बिटकॉइन में एक नया ब्लॉक बनाने में 10 मिनिट लगती है। 
  • ये समय अलग अलग क्रिप्टोकरेन्सी के लिए अलग अलग हो सकता है। 
block frequency of bitcoin in hindi

जो लोग बिटकॉइन को स्वीकारते है वो लोग बिटकॉइन को लोग दो नजरिये से देखते है। एक है बिटकॉइन  को इन्वेस्टमेंट के रूप में और दूसरा है बिटकॉइन को एक करेन्सी के रूप में। पर ज्यादातर लोग बिटकॉइन को इन्वेस्टमेंट के रूप में देखते है। बिटकॉइन  को कुछ लोग डिजिटल गोल्ड कहते है। जैसे हम सोने लो इंवेटमेंट के रूप में खरीदते है जिससे हमे भविष्य में ज्यादा रिटर्न मिले वैसे ही कुछ लोग बिटकॉइन को खरीदते है। कुछ लोग इसके खिलाफ भी है उनके अनुसार हम सोने को हमारे पास रख सकते है पर बिटकॉइन को नहीं रख सकते वो तो कंप्यूटर में है।  

two type of people one believe bitcoin is an investment and second believe bitcoin is currency in hindi by sbmeta

कई जगह पर कुछ होटल बिटकॉइन का भी स्वीकार करते है। उसमे एक समस्या है की बिटकॉइन बहुत ही ज्यादा वोलेटाइल है उसकी कीमत बहुत ज्यादा ऊपर निचे होती रहती है। जैसे हमने आगे ब्लॉक फ्रीक्वेंसी में देखा बिटकॉइन के ट्रांसक्शन को ब्लॉक में स्टोर होने में 10 मिनिट लगते है जो रोजमर्रा की जिंदगी में बहुत ज्यादा है। 

बिटकॉइन का भविष्य लोग उसको किस तरह स्वीकारते है उसके ऊपर है। यहाँ में आपको हमारी एक पोस्ट पढ़ने की गुजारिस करता हु जो है क्रिप्टोकरेन्सी के फायदे और नुकसान। 

Conclusion 

बिटकॉइन की अगर हम बात करें तो एक करेन्सी के रूप में सबसे नयी करेन्सी है। अभी के समय बिटकॉइन या कोई भी क्रिप्टोकरेन्सी का रोजमर्रा की जिंदगी में उपयोग नहीं कर सकते। क्योकि ये बहुत ही ज्यादा वोलेटाइल है। जैसे हर चीज़ के दो पहलु है वैसे ही बिटकॉइन या फिर क्रिप्टोकरेन्सी के भी दो पहलु है। अगर आप क्रिप्टोकरेन्सी को इन्वेस्टमेंट के रूप में देखते है तो में आपको कहूंगा की आप पहले इंटरनेट पर पुख्ता रिसर्च करें और फिर अगर आपको समज में आता है तभी आप इन्वेस्ट करे। में आपको यही सलाह दूंगा की आप किसी के ऊपर भी अँधा भरोसा करके कोई भी कदम न ले। बिटकॉइन या क्रिप्टोकरेन्सी ही नहीं कोई भी नयी टेक्नोलॉजी आती है तो आप पहले खुदकी रिसर्च करें और फिर ही कोई कदम ले। में आशा करता हु की आपको ये इनफार्मेशन अच्छी लगी होगी और आपको विनती करता हूँ की आप इस आर्टिकल को अपने दोस्त या रिस्तेदार के साथ शेयर करे ताकि वो लोग भी ऐसी नयी टेक्नोलॉजी के बारे में समज सकें। 

FAQ’s

दुनिया में कितने कुल बिटकॉइन है ? | How many total bitcoins are there in the world in Hindi?

दुनिया में सिर्फ २१ मिलियन बिटकॉइन है।

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