Skip to content

यूपीआई क्या है? | What is UPI in Hindi

What is UPI in hindi
Contents hide

इंट्रोडक्शन | Introduction

भारत एक ऐसा देश है जो बहुत तेज़ी से बढ़ रहा है। भारत ने पिछले कुछ सालो में बहुत सरी चीज़ो में कामयाभी हासिल की है। आप बहुत सारे लोगो को देख रहे होंगे जो भारत ही नहीं दुनिया की बड़ी बड़ी कंपनी चला रहे है जैसे सुन्दर पिचाई – गूगल के CEO, सत्य नडेला – माइक्रोसॉफ्ट के CEO, रतन टाटा – टाटा ग्रुप के चैयरमेन थे, मुकेश अम्बानी – रिलायंस इंडस्ट्री के चैयरमेन और मैनेजिंग डिरेक्टर और भी बहुत सारे भारतीय है जो भारत को दुनिया के आगे रिप्रेजेंट करते है।  भारत में जब से जिओ आया है तबसे आप सबको पता ही होंगा की इंटरनेट इतना सस्ता हो गया है की बहुत सारे लोग फ़ोन का उपयोग कर रहे है। पर क्या आपको पता है की भारत की एक ऐसी टेक्नोलॉजी है जो पूरी दुनिया के सभी बड़े-बड़े देश जैसे अमेरिका, चीन, UK, साउथ कोरिया वगेरे को पीछे छोड़ रहा है। ये टेक्नोलॉजी है यूपीआई। भारत के सफल होने के बाद सभी बड़े बड़े देश UPI जैसी सफल टेक्नोलॉजी बनाने की कोसिस कर रहे है पर अभी भी असफल है। हम आगे जानेंगे की UPI भारत में ही नहीं दूसरे देश में भी कैसे उपयोग में लिए जायेगा। में आपको गुजारिस करता हु की आप ये आर्टिकल पूरा अंत तक पढ़ें।

मेटावर्स के बारेंमे जानने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें:- https://sbmeta.tech/metaverse-explained-in-hindi/

हमे यूपीआई की आवस्यकता क्यों है ? | Why do we need UPI in Hindi 

why do me need upi in hindi
Why do we need UPI in Hindi

तो पहले हम जानते है की भारत की आखिर UPI की जरुरत क्यों पड़ी? UPI आने से पहले भारत में इंटरनेट बैंकिंग और कार्ड बेस ट्रांसक्शन होने के बावजूद भी डिजिटल ट्रांसक्शन न के बराबर होते थे। RBI यानि रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया के अनुसार भारत में 2011 में केवल 6 ट्रांसक्शन प्रति नागरिक होते थे। जबकि 1 करोड़ से भी ज्यादा रिटेल दुकानदार डिजिटल पेमेंट का स्वीकार कर रहे थे।

अब आपमेसे बहुत लोगो को प्रश्न की सरकार इसके ऊपर ज्यादा ध्यान क्यों दे रही है? तो में आपको बता दूँ की जो हम नोट(paper money) का उपयोग करते है वो फट भी सकती है जिसके कारन RBI को नए नॉट बनाने पड़ते है। जिससे पर्यावरण को भी नुकसान होता है। पेपर मनी को लोग डुप्लीकेट भी कर सकते है या फिर अगर लोग नॉट का उपयोग ज्यादा करते है तो टैक्स चोरी भी बढ़ सकती है। अगर हम चेक की बात करे तो भी उसमे लम्बी लाइन में खड़ा होना पड़ता है और उसमे रिस्क भी बहुत ज्यादा है। वैसे ही कार्ड बेस ट्रांसक्शन में भी समस्या है की लोग आपके कार्ड को कॉपी कर सकते है और खाते मेसे पैसे चोरि कर सकते है। एक ये भी कारन है की उस वक्त कार्ड बेस ट्रांसक्शन में  visa और Mastercard का बहुत नाम था  और यही दो कंपनी के डेबिट और क्रेडिट कार्ड थे। ये कंपनी अपने मर्चेंट से एक ट्रांसक्शन पर 2% तक कमीशन लेती थी जो ऍम दुकानदार के लिए बहुत ज्यादा था।

drake meme on upi,
upi is better then cash, cheque, debit/credit cards in hindi
UPI is better than Cash, Cheque and Debit/Credit cards

इसके चलते NPCI(National Payment Corporations of India) ने 26 मार्च 2012 में RuPay कार्ड लॉन्च किया था जिसके कारन कार्ड बेस ट्रांसक्शन बढ़ सकें और आम नागरिक को फायदा मिल सकें। NPCI का एक लक्ष्य था की हमे भारत में एक ऐसी टेक्नोलॉजी बनानी है जिससे कोई भी आदमी सरलता से इंटरनेट बैंकिंग का उपयोग कर सकें। 

rupay and UPI launch date in hindi

इसी सब के चलते NPCI ने एक समाधान निकला जो है यूपीआई। 11 अप्रैल 2016 में UPI को लॉन्च किया गया था। 

वेब ३.0 के बारेंमे जानने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें:- https://sbmeta.tech/web-3-0-in-hindi/

यूपीआई क्या है ? | UPI in Hindi 

जैसे हमने देखा 11 अप्रैल 2016 में UPI- Unified Payment System को लॉन्च किया गया था। जिसका उपयोग करके सामान्य से सामान्य लोग कही भी और कभी भी एक दूसरे के बैंक में पैसे सरलता से ट्रांसफर कर सकें और डिजिटल ट्रांसक्शन का उपयोग बढे जिससे भ्रस्टाचार काम हो। तब से लेकर आज तक UPI का उपयोग बहुत ज्यादा बढ़ गया है और इसकी वजह से भारत दुनिया का सबसे बड़ा रियल टाइम पेमेंट मार्किट बन गया है।

npci report/data on increasing upi users

अगर हम मई 2022 की बात करें तो UPI के माध्यम से 595 करोड़ ट्रांसक्शन हुए थे, जून 2022 में UPI के माध्यम से 587 करोड़ ट्रांसक्शन हुए थे, और जुलाई 2022 में UPI के माध्यम से 628 करोड़ ट्रांसक्शन हुए थे। आज भारत ने यूपीआई के माध्यम से डिजिटल ट्रांसक्शन में जितनी सफलता हासिल की है उतनी सफलता चीन जिसकी जनसंख्या भारत से भी ज्यादा है और अमेरिका जो दुनिया का सुपर पावर है उनसे भी नहीं हो पाया। 

यूपीआई कैसे काम करता है? | How UPI works in Hindi 

आगे हमने  UPI क्या है, UPI का फुल फॉर्म क्या है, क्यों हमे उसकी जरुरत पड़ी? अब हम देखेंगे की UPI कैसे काम करता है? 

अगर आपने इंटरनेट बैंकिंग का उपयोग किया होगा तो आपको पता होगा की इसमें आपको IMPS यानि I Immediate Payment Service का विकल्प मिलता है। UPI IMPS यानि I Immediate Payment Service पर हो काम करता है।  UPI ने बैंक अकाउंट और IFSC ये सब हटा कर डिजिटल पेमेंट सिस्टम को सरल कर दिया। 

upi is easy to use
UPI is easy to use

आपमेसे ज्यादातर लोग यूपीआई का उपयोग करते होंगे और आपको पता होगा की यूपीआई पेमेंट करने के लिए सिर्फ VPA यानि Virtual Payment Address को ही यद् रखने की जरुरत है। VPA आपका यूजर नेम और आपका जिस बैंक में खता है उस बैंक के नाम को मिलकर बनता है जैसे [email protected]. आपको सिर्फ एक सुरक्षित और विश्वासु पेमेंट ऍप जैसे UPI,  गूगल पे, फ़ोन पे, पेटीएम, अमेज़न पे वगेरा में अकाउंट बनाना है और अपने बैंक अकाउंट को UPI का ऐक्सेस देना है। अब आप जो अपने पेमेंट ऍप में इंस्ट्रक्शन देते हो वो यूपीआई के माध्यम से आपके बैंक तक जाते है और ट्रांसक्शन होते है। 

ऊपर का पैराग्राफ पढ़के आपको एक प्रश्न हुआ होगा की हम UPI का गूगल पे, पेटीएम या फ़ोन पे के माध्यम से कैसे उपयोग कर सकते है। तो UPI का सबसे बड़ा फीचर है इंटरऑपरेबिलिटी(interoperability). मतलब आप इसकी मदद से दूसरी ऍप के साथ भी ट्रांसक्शन कर सकते है।  जैसे अगर आप फ़ोन पे का उपयोग कर रहे है और आपको अगर किसी दुकानदर को पेमेंट गूगल पे या पेटीएम में देना है तो आप UPI के कारन दे सकते हो। 

the greatest feature of upi is interoperability
Interoperability

क्या आपको पता है UPI का उपयोग बिना स्मार्टफोन के भी कर सकते है? NPCI ने एक सिस्टम बनाया है जो है AePS इसका फुल फॉर्म है Aadhar enabled Payment System. इसमें ये होता है की आपको माइक्रो ATM में अपना आधार कार्ड नंबर डालना होता है और अपने फिंगरप्रिंट को स्कैन करना है और आप पेमेंट कर सकते है। इस सर्विस का उपयोग करने के लिए आपका आधार कार्ड आपके बैंक अकाउंट के साथ लिंक होना चाहिए।

smartphone less digital payment with upi
Smartphone less digital payment

मल्टी लेयर प्रोटेक्शन के साथ इस टेक्नोलॉजी ने भारत के डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम को बदल दिया है। 

क्रिप्टोकरेन्सी के बारेंमे जानने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें:- https://sbmeta.tech/cryptocurrency-in-hindi-2022/

यूपीआई भारत की अर्थव्यवस्था को कैसे बदल रहा है? | How UPI is changing the Indian economy in Hindi 

how upi is going to change indian digital economy

UPI भारत की फाइनेंसियल टेक्नोलॉजी के लिए एक महत्वपूर्ण टेक्नोलॉजी साबित हो सकती है। कुछ रिसर्चर के अनुशार भारत की ये टेक्नोलॉजी भारत को पूरी दुनिया में फाइनेंसियल टेक्नोलॉजी का लीडर बना सकती है। 

कैसे यूपीआई दूसरे देश की टेक्नोलॉजी से सफल टेक्नोलॉजी है? | How UPI is successful technology from other country’s technology in Hindi.

  • अगर हम अमेरिका की बात करें तो अमेरिका एक सुपर पावर है और अगर हम देखे आज दुनिया की सभी टेक्नोलॉजी में अमेरिका बहुत आगे है। अमरीका से बड़ी बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनी आति है पर ये भी UPI से जलते है। गूगल ने अमेरिका  को एक पत्र लिखा था की आपको भी भारत की UPI टेक्नोलॉजी जैसी टेक्नोलॉजी जल्द से जल्द बनानी चाहिए। बड़े बड़े विकसित देश भी भारत की UPI जैसी सफल टेक्नोलॉजी नहीं बना पाए।
forbesindia on indian digital payment is increasing increadable
  • अगर हम 2020 की बात करें तो भारत में 25.5 billion+ रियल टाइम ट्रांसक्शन हुए थे जहा चीन में 15.7 billion+, साउथ कोरिया में 6 billion+, थाईलैंड में 5.2 billion+, UK में  2.8 billion+, और अगर हम सुपर पावर अमेरिका की बात करें तो वह 1.2 billion+ ट्रांसक्शन हुए थे। यहाँ आप UPI के आने के बाद ट्रांसक्शन और जो 2011 में डिजिटल ट्रांसक्शन हुए थे उसकी की तुलना करके देख सकते है की कैसे UPI सफल टेक्नोलॉजी है। 

यूपीआई का भारत देश के आलावा किस देश में उपयोग होता है? Apart from India, which other countries are using UPI in Hindi.

npci data on upi is going outside of india.
  • भारत के सबसे प्रख्यात पेमेंट मेथड UPI को अब दूसरे कुछ देश द्वारा भी मानता मिल गई है।   Liquide group जो क्रॉस बॉर्डर पेमेंट प्रोवाइडर है उन्होंने NIPL यानि NPCI International Payments Limited के साथ एक एग्रीमेंट साइन किया है जिसके अनुशार सितम्बर 2021 में सिंगापूर, मलेसिया, थाईलैंड, फिलीपीन्स, वियतनाम, कम्बोडिआ, होन्ग कोंग , ताइवान, साउथ कोरिया और जापान जैसे देश में UPI बेस qr code सिस्टम लॉन्च किया है। UPI का प्लान भविस्य में ऑस्ट्रेलिया और रूस में भी है। 

Conclusion 

जैसे हमने अपने आगे पढ़ा की यूपीआई एक ऐसी टेक्नोलॉजी है जो भारत की ऐसी टेक्नोलॉजी है जो दुनिया का सबसे सफल फाइनेंसियल टेक्नोलॉजी है। हमने देखा यूपीआई क्या है, कैसे काम करता है, और ये भारत की अर्थव्यवस्था को कैसे बदल रहा है। कृपया करके अगर अपने इस आर्टिकल को यहाँ तक पढ़ा है तो आप निचे FAQ’s भी पढ़े। मेरी आपसे एक गुजारिस है की इस आर्टिकल  को आप अपने दोस्त और रिस्तेदार के साथ शेयर करे ताकि वो भी इस सफल टेक्नोलॉजी को समाज सकें। 

FAQ’s

यूपीआई का फुल फॉर्म क्या है? | What is a full form of UPI in Hindi

यूनिफाइड पेमेंट इंटरफ़ेस | Unified Payment Interface

एनपिसीआई का फुल फॉर्म क्या होता है?| What is full form of NPCI in Hindi 

नेशनल पेमेंट कॉर्पोरशन ऑफ़ इंडिया | National Payment Corporations of India 

यूपीआई का प्रक्षेपण कब हुआ था? | When UPI was launched in Hindi

एनपीसीआई ने 11 अप्रेल 2016 में यूपीआई को लॉन्च किया था। 

क्या हम यूपीआई का उपयोग ऑफ़लाइन कर सकते है? | Can we use UPI offline in Hindi 

हा, हम यूपीआई का ऑफलाइन उपयोग कर सकते है। 

एइपिएस का फुल फॉर्म क्या होता है? | What is full form of AePS in Hindi

आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम | Aadhar enabled Payment System

एनआईपीएल का फुल फॉर्म क्या होता है? | What is full form of NIPL in Hindi

एनपिसीआई इंटरनेशनल पेमेंट लिमिटेड | NPCI International Payments Limited

Share This Post

Leave a Reply

Your email address will not be published.